शौक़ ही शौक़ है नहीं मालूम
इस से क्या दिल निहाद है हम को
“It is not merely a passing fancy, I do not know, What has captivated and seized our hearts so deep.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शौक़ ही शौक़ नहीं मालूम, यह दिल को क्या निहाद है हमको।
विस्तार
यह शेर उस गहरे, अनजाने एहसास को बयान करता है जो मोहब्बत में होता है। शायर अपने दिल से सवाल कर रहे हैं कि यह जो जुनून है, यह 'शौक़' क्या है? और यह दिल किस हाल में पहुँच गया है! यह वो उलझन है जब प्यार इतना गहरा हो जाता है कि हम खुद को समझ नहीं पाते। यह एक आतिशी, मगर खूबसूरत, बेचैनी है।
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