तेज़ यूँ ही न थी शब आतिश-ए-शौक़
थी ख़बर गर्म उस के आने की
“The night was not so fiery with passion,”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कह रहा है कि रात में जुनून की आग इतनी तेज़ नहीं थी, बल्कि बस उसके आने की ख़बर ही गर्म थी।
विस्तार
यह शेर बताता है कि इश्क़ में इंतज़ार कितना ज़रूरी होता है। शायर कहते हैं कि रात में जो जुनून और आतिश थी, वह यूं ही नहीं थी। वह तो बस उस खबर की गर्मी थी... उस खबर की कि महबूब आ रहा है। यानी, महबूब के आने की बस एक आहट ही पूरी रात को जला देने के लिए काफी थी।
