देती है तूल बुलबुल क्या नाला-ओ-फ़ुग़ाँ को
दिल के उलझने से हैं ये आशिक़ों की फट फट
“Does the nightingale give the river of sorrow and sighs, / The tangle of the heart is the trembling of lovers.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्या बुलबुल (nightingale) उदासी और आहों की नदी में रंग (तूल) देती है? ये तो आशिक़ों (lovers) के दिल के उलझने से पड़ने वाला कंपन (फट फट) है।
विस्तार
इस शेर में मिर्ज़ा तक़ी मीर ने बुलबुल के मधुर विलाप और आशिक़ के दिल के अंदरूनी दर्द की तुलना की है। वो कहते हैं कि बुलबुल का जो भी नाला-ओ-फ़ुग़ाँ है, वह तो कुछ भी नहीं है.... असली पीड़ा तो दिल के उलझने से है। आशिक़ का दर्द, उसकी उलझन ही सबसे बड़ी तड़प है।
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