गर्दन-कशी क्या हासिल मानिंद बगूले की
इस दश्त में सर गाड़े जूँ सैल चला जाना
“What gain is in pulling the neck like a crow's? / In this desert, it's better to leave and wander off alone.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
गर्दन-कशी से क्या लाभ है, जैसे बगुले की? इस रेगिस्तान में, बेहतर है कि अकेले ही निकल पड़ें और चले जाएं।
विस्तार
यह शेर जीवन के एक बहुत गहरे सच को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जब परिस्थितियां ही निराशा से भरी हों, जब आस-पास का माहौल ही बंजर और वीरान हो, तो किसी भी तरह का संघर्ष या प्रयास... क्या हासिल होगा? यह एक सवाल है कि क्या किसी टूटी हुई राह पर, बस मंजिल की तरफ बढ़ते रहना ही काफी है, या पहले हालात को बदलना ज़रूरी है।
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