निकले है जिंस-ए-हुस्न किसी कारवाँ में
ये वो नहीं मताअ' कि हो हर दुकान में
“The grace of beauty has appeared in some caravan, It is not a commodity found in every shop.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सौंदर्य की आभा किसी कारवां में निकली है, यह वह वस्तु नहीं है जो हर दुकान में मिल जाए।
विस्तार
इस शेर में शायर ने असली और नक़ली की बात कही है। वो कह रहे हैं कि सच्ची ख़ूबसूरती, या कोई बेहतरीन कला, वो चीज़ नहीं है जो बाज़ार की हर दुकान पर मिल जाए। ये तो किसी कारवाँ में आती है—यानी ये अचानक, कहीं दूर से, और बहुत ख़ास होकर आती है। ये एक तरह की तारीफ़ है उस चीज़ की जो दुर्लभ और अनमोल हो।
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