कब रो है उस से बात के करने का मुझ को 'मीर'
ना-कर्दा जुर्म में तू गुनहगार हो गया
“How can I speak of that which has wept, O Meer? You have become guilty in an uncommitted crime.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मीर कहते हैं कि अब मैं उस से बात कैसे करूँ जिसने रोया है। तूने बिना किसी गलती के अपराध कर दिया है।
विस्तार
यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब आप किसी से बात नहीं कर पाते, सिर्फ इसलिए क्योंकि माहौल या सामने वाला आपको दोषी महसूस कराता है। शायर कहते हैं कि मैंने कोई गुनाह नहीं किया है, फिर भी मैं गुनहगार क्यों हो गया? यह मोहब्बत की उस अजीब सी उलझन को दर्शाता है, जहाँ प्यार भी एक सज़ा बन जाता है।
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