Sukhan AI
दाग़ उगते रहे दिल में मिरी नौमीदी से
हारा में तुख़्म तमन्ना को भी बूते बूते

My heart kept spilling tales of my false hopes, Even the seeds of yearning were scattered in vain.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

मेरे दिल में मेरी झूठी उम्मीदों से दाग़ उगते रहे, और चाहत के बीज भी व्यर्थ में बिखरे।

विस्तार

यह शेर दिल के गहरे दर्द को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि मेरी बस थोड़ी सी नौमीदी (विश्वास) ही मेरे दिल में दाग़ बनकर उगी। और इस दर्द से बचने के लिए, उन्हें अपनी तमन्ना (इच्छा) के बीज को भी बार-बार सींचकर, अंत में उसे जड़ से खत्म करना पड़ा। यह आत्म-नियंत्रण और उस दर्द की कहानी है जो हम अपने ही भरोसे से सहते हैं।

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