Sukhan AI
कहना तिरे मुँह पर तो निपट बे-अदबी है
ज़ाहिद जो सिफ़त तुझ में है सोज़न-ए-जलबी है

To speak of your face is utterly impolite, For the virtue that resides in you is the burning passion of spring.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

तुम्हारे मुँह पर बात करना तो बिलकुल बे-अदबी है, क्योंकि तुममें जो गुण है वह वसंत का जलता जुनून है।

विस्तार

ये शेर महबूब के इश्क़ की उस हकीकत को बयां करता है, जहाँ प्यार और तड़प एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। शायर कहते हैं कि तुम्हारी बातें इतनी मीठी हैं, इतनी असरदार हैं.... कि उन्हें कहना ही बे-अदबी है! क्योंकि तुम्हारी जो ख़ूबी है, वो तो जलेबी की तरह मीठी, पर इतनी ज़ोर से जलती है कि दिल को जला देती है। यह इल्ज़ाम नहीं, ये इश्क़ का इकरार है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app