सद नश्तर-ए-मिज़्गाँ के लगने से न निकला ख़ूँ
आगे तुझे 'मीर' ऐसा सौदा न हुआ होगा
“From the bite of the sweet nectar, blood did not flow, O Meer, such a deal must not have happened to you.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मिज़्गाँ के नश्तर (मीठे रस) के लगने से ख़ून न निकलने का क्या मतलब है, आगे तुम्हें 'मीर' ऐसा कोई सौदा नहीं हुआ होगा।
विस्तार
यह शेर किसी गहरे भावनात्मक दर्द की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि घाव भले ही कम दिखाई दें, लेकिन उनका दर्द बहुत गहरा है। मीर तक़ी मीर किसी से कह रहे हैं कि तुम्हें पहले कभी कोई ऐसा सौदा या दर्द नहीं हुआ होगा, जो आज की तरह जीवन को बदल दे। यह दर्द की एक अनोखी, बेमिसाल कहानी है!
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