ख़ूब दरयाफ़्त जो किया हम ने
वक़्त-ए-ख़ुश 'मीर' निकहत-ए-गुल था
“The effort I exerted, O Mir, was to be with the fragrance of the rose.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैंने जो बहुत प्रयास किया, वक़्त-ए-ख़ुश, मेरे लिए बस गुलाब की ख़ुशबू के साथ होना था।
विस्तार
यह शेर उस दर्दनाक अहसास को बयां करता है जब हमें पता चलता है कि जीवन की खुशियाँ कितनी क्षणभंगुर होती हैं। मीर तक़ी मीर कहते हैं कि हमने चीज़ों को बहुत गलत समझा। जो ख़ुशी थी, जो जश्न था, वह बस एक फूल की खुशबू जैसा था—अस्थायी और सतही। यह एक खूबसूरत धोखा था, जो हमें सच्चाई से दूर ले गया।
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