क़िस्मत तो देख शैख़ को जब लहर आई तब
दरवाज़ा शीरा ख़ाने का मा'मूर हो गया
“When the wave came for the Sheikh, he saw his fate; / The caretaker of the door of Shirakhana was appointed.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
किस्मत तो देख शैख़ को जब लहर आई तब, दरवाज़ा शीरा ख़ाने का मा'मूर हो गया। (अर्थात्, जब शैख़ के लिए संकट आया, तब उसे शीरा ख़ाने के दरवाज़े का इंचार्ज बनाया गया।)
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर साहब ने लिखा है, और यह पूरी तरह से क़िस्मत के खेल पर बात करता है। शायर कहते हैं कि एक शख़्स की ज़िंदगी पर जब अचानक कोई बड़ी लहर आती है, तो क्या होता है? जो चीज़ सबसे ज़्यादा प्यारी होती है, जो खुशी का ठिकाना होती है—वो भी टूट जाती है। यह एक गहरे दर्द को बयां करता है कि कैसे नियति बिना किसी चेतावनी के सब कुछ छीन सकती है।
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