लाशा मिरा तसल्ली न ज़ेर-ए-ज़मीं हुआ
जब तक न आन कर वो सर-ए-गोर हो गया
“My solace did not come from beneath the earth, Until that moment when she appeared, head held high.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा सांत्वना ज़मीन के नीचे से नहीं आया, जब तक कि वह सर उठाकर नहीं आ गई।
विस्तार
यह शेर इंतज़ार और सुकून के इर्द-गिर्द घूमता है। शायर कहते हैं कि मेरी तसल्ली (शांति) कभी ज़मीन के नीचे नहीं मिली.... यह तो बस तब मिली, जब वो महबूब सर-ए-गोर होकर आया। इसका मतलब है कि ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी या सुकून, अचानक नहीं मिलता; उसके लिए वक़्त और इंतज़ार करना पड़ता है।
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