क्या दिन थे वे कि याँ भी दिल आर्मीदा था
रू-आशियाँ ताइर-ए-रंग-परीदा था
“What days those were, when even here the heart was alive, And the moods were like the colorful flutter of a fairy.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वे दिन कौन से थे, जब यहाँ भी दिल जीवित था, और महफ़िलें रंग-परी की तरह चंचल थीं।
विस्तार
यह शेर एक गहरे एहसास को बयान करता है—याद का। शायर उस समय को याद कर रहे हैं जब ज़िंदगी में एक अलग ही रौनक थी, जब दिल भी ज़िंदादिल था। उनकी तुलना बहुत ख़ूबसूरत है—जैसे हर जुनून, हर खुशी रंग-परीओं की तरह उड़ रही हो। यह एक ऐसा दर्द है जो हमें बीते हुए, बेफ़िक्र लम्हों की याद दिलाता है।
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