सर उठाते ही हो गए पामाल
सब्ज़ा-ए-नौ-दमीदा के मानिंद
“As soon as you raised your head, you became intoxicated, like the fresh spring of life.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सिर उठाते ही आप मदहोश हो गए, जैसे नौदमिया के ताज़े वसंत।
विस्तार
यह शेर महबूब के एक साधारण से अदा पर पड़ने वाले गहरे असर को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि बस सिर उठाना ही.... इतना काफी है कि आशिक़ मदहोश हो जाए। इस मदहोशी की तुलना 'सब्ज़ा-ए-नौ-दमिदा' से की गई है, जिसका मतलब है ताज़ी, हरी-भरी और ज़िंदादिली से भरी हरियाली। यह बताता है कि उनका असर कितना प्राकृतिक और तीव्र है।
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