खिंचे अहद-ए-ख़त में भी दिल तेरी जानिब
कभू तो क़यामत तरहदार होगा
“Even in the covenant of the letter, my heart is drawn to you; someday, it will be like the Day of Judgment.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
भले ही यह दिल पत्र के वादे से बंधा हो, फिर भी यह तेरी ओर खिंचा चला आएगा; कभी तो यह क़यामत जैसा हो जाएगा।
विस्तार
मीर तक़ी मीर ने यहाँ मुहब्बत की उस गहराई को बयां किया है, जो रूह तक बस जाती है। शायर कहते हैं कि चाहे दिल कोई भी वादा करे कि अब दूरी होगी, पर ये दिल तो बस महबूब की तरफ ही खिंचा चला आएगा। यह अंदरूनी जंग, यह तकरार... इतनी बड़ी है कि अंत में यह एक क़यामत बन जाएगी।
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