बा'द मेरे ही हो गया सुनसान
सोने पाया था वर्ना कब कोई
“The place became desolate after me, Or when else would I have found rest?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे जाने के बाद यह जगह सुनसान हो गई, वरना मुझे आराम कब मिलता।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरी भावना को बयां करता है—किसी के जीवन में अपनी मौजूदगी का महत्व। शायर कहते हैं कि मेरे जाने के बाद सब कुछ वीरान हो गया। और दूसरी लाइन से यह बात निकलती है कि वर्ना तो कब कोई सुकून या नींद पा पाता? यह अहसास है कि आप किसी के लिए कितने ज़रूरी हैं।
