एक ग़म में हूँ मैं ही आलम में
यूँ तो शादाँ है और सब कोई
“In this sorrow, I am the only one in the world, For everyone else, the world is bright and joyful.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
एक ग़म में मैं ही आलम में, यूँ तो शादाँ है और सब कोई। इसका अर्थ है कि मैं इस दुःख में अकेला हूँ, जबकि बाकी सब लोग खुश और आनंदित दिखाई देते हैं।
विस्तार
यह शेर उस अकेलेपन को बयां करता है जो दुनिया की चकाचौंध के बावजूद महसूस होता है। मीर तक़ी मीर कहते हैं कि भले ही आलम में सब कोई शादाँ है, पर यह ग़म सिर्फ़ उसी का है। यह एक गहराई वाली उदासी है—बाहर से सब मुस्कुरा रहे हैं, लेकिन अंदर का दर्द सिर्फ़ शायर को महसूस हो रहा है।
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