नाला-ए-इज्ज़ नक़्स-ए-उलफ़त है
रंज-ओ-मेहनत कमाल राहत है
“The river of self-respect is the deceit of love, But the sorrow and effort are the wonder of relief.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इज्ज़त की नदियाँ मोहब्बत का धोखा हैं, और ग़म व मेहनत ही असली सुकून का कमाल हैं।
विस्तार
यह शेर ज़िन्दगी के एक बहुत गहरे, दर्द भरे सच को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि इज़्ज़त बनाए रखना... अक्सर मोहब्बत की कीमत पर आता है। लेकिन यहाँ एक अजीब बात है—वो रंज-ओ-मेहनत, वो संघर्ष... वो खुद ही एक तरह की राहत बन जाता है। यह शायरी हमें बताती है कि कभी-कभी दर्द में भी एक सुकून मिल जाता है।
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