अब्र-ए-तर के हुज़ूर फूट बहा
दीदा-ए-तर को मेरे रहमत है
“The veil of tears has flowed forth from your presence; O my heart, this mercy is for my eyes.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अश्रुओं के बादल की उपस्थिति से यह फूट बहा। मेरी अश्रुपूर्ण आँखों के लिए यह एक रहमत है।
विस्तार
यह शेर आशिक़ के उस स्वाभिमान को बयां करता है, जब वो महबूब की नज़ाकत और मिज़ाज से प्रभावित नहीं होता। शायर कहते हैं कि महबूब का आना-जाना या उसका मिज़ाज, एक बहते हुए बादल जैसा है, जो कभी भी कहीं भी हो सकता है। लेकिन शायर का कहना है कि महबूब की आँखों में जो रहमत है, वो मेरे अपने आत्म-सम्मान और मेरी अपनी रूह की इनायत से कहीं ज़्यादा है!
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