'मीर' साहब रुला गए सब को
कल वे तशरीफ़ याँ भी लाए थे
“Mir' sahib made everyone weep, Yesterday, he graced this place with his presence.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मीर साहब ने सबको रुला दिया, कल वे यहाँ भी पधारे थे।
विस्तार
यह शेर अचानक बिछड़ने के दर्द को बयां करता है। शायर कहते हैं कि 'मीर' साहब ने तो सबको रुला दिया। और ये दूसरी लाइन... ये बताती है कि कल तक तो वो यहाँ थे! उनका तशरीफ़ याँ भी लाया था। इस वजह से दर्द और गहरा हो जाता है। यह उस बेवफाई और अचानक दूरी के दर्द को दिखाता है, जो दिल को बहुत झकझोर देती है।
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