जो तिरे कूचे में आया फिर वहीं गाड़ा उसे
तिश्ना-ए-ख़ूँ में तो हूँ उस ख़ाक-ए-दामन-गीर का
“Whoever came into your courtyard, I have settled (my heart) there; for the dust of your hem is intoxicating (with thirst for blood).”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिसने तुम्हारे आँगन में प्रवेश किया, मैंने अपना दिल वहीं बसा लिया है; क्योंकि तुम्हारे आँचल की धूल ही खून के प्यासी है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ इश्क़ नहीं, एक जुनून है! शायर कहते हैं कि जो भी तुम्हारी गली में आता है, वह बस वहीं समा जाता है। लेकिन शायर की प्यास... वह किसी ख़ून की नहीं है। वह तो उस ख़ाक की प्यास है, जो उस दामन-गीर के पास है। मतलब, महबूब की महक, उसकी मौजूदगी की हर छोटी-सी निशानी, शायर को उसी की तड़प है।
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