उस का बहर-ए-हुस्न सरासर औज ओ मौज ओ तलातुम है
शौक़ की अपने निगाह जहाँ तक जावे बोस-ओ-कनार है आज
“Her beauty's ocean, a cresting wave, a tide of deep emotion, My desire's gaze, wherever it travels, finds no shore or end today.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उसका सौंदर्य सागर है, जिसमें लहरें, ज्वार और भावुकता है। मेरी चाहत की नज़र जहाँ तक जाती है, आज वहाँ कोई किनारा या अंत नहीं है।
विस्तार
यह शेर हुस्न की उस नशीली गहराई को बयान करता है, जो कभी शांत होती है, तो कभी तूफानी। शायर कहते हैं कि उनकी खूबसूरती का समंदर लहरों, औज और शरारतों से भरा है.... लेकिन वो अपने इश्क़ के किनारे को भी उतना ही विशाल बताते हैं! उनका नज़रिया जहाँ तक पहुँचेगा, वो हर कोने को छू लेगा।
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