ख़ूब जो आँखें खोल के देखा शाख़-ए-गुल सा नज़र आया
उन रंगों फूलों में मिला कुछ महव-ए-जल्वा-ए-यार है आज
“How beautiful the sight appeared, like a branch of flower, upon opening the eyes, Today, in the colors of the flowers, there is a hint of the beloved's enchanting splendor.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
आँखें खोलकर जब देखा तो यह फूल की टहनी सा सुंदर लगा, और आज फूलों के रंगों में प्रियतम के मनमोहक रूप की झलक मिली है।
विस्तार
यह शेर प्रेम की गहरी समझ को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि जब आप आँखें खोलकर दुनिया को देखते हैं, तो प्रकृति की सबसे साधारण चीज़ भी, जैसे फूलों की शाख़, आपको अपने महबूब का रूप दिखाती है। शायर कहते हैं कि इन फूलों के रंगों में आज महबूब का नशा और जलवा झलक रहा है।
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