Sukhan AI
পুরানো সেই দিনের কথা ভুলবি কি রে হায়।
ও সেই চোখে দেখা, প্রাণের কথা, সে কি ভোলা যায়॥

পুরানো সেই দিনের কথা ভুলবি কি রে হায়। ও সেই চোখে দেখা, প্রাণের কথা, সে কি ভোলা যায়॥

रवींद्रनाथ टैगोर
अर्थ

अरे, क्या तुम उन पुराने दिनों की बातें भूल पाओगे? वो आँखों देखी और दिल से निकली बातें, भला उन्हें कैसे भूला जा सकता है।

विस्तार

यह सुंदर युगल गीत पुराने दिनों की यादों और गहरे मानवीय संबंधों के सार को खूबसूरती से दर्शाता है। यह हल्के से पूछता है कि क्या कोई सचमुच पुराने दिनों की अनमोल यादों, दिल से दिल की बातों और आँखों ही आँखों में कहे गए अनकहे गहरे शब्दों को भूल सकता है। ये पंक्तियाँ एक अलंकारिक प्रश्न हैं, जो यह बताती हैं कि ऐसे अनमोल पल और गहरे रिश्ते वास्तव में अविस्मरणीय होते हैं। वे हमारे दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ जाते हैं, यह याद दिलाते हुए कि कुछ अनुभव और रिश्ते हमेशा हमारे दिमाग में अंकित रहते हैं, चाहे कितना भी समय बीत जाए। यह अतीत का एक गर्मजोशी भरा आलिंगन है जो हमेशा हमारे साथ रहता है।

ऑडियो

पाठIn app
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.