Sukhan AI
નજર લાગે એમ શું કોઈ જોતું હશે?
આટલું બધું વ્હાલ તે કદી હોતું હશે?

Would any gaze so intently, to invite the evil eye?Can such abundant love ever truly be?

सुरेश दलाल
अर्थ

क्या कोई इस तरह देखेगा कि नज़र लग जाए? क्या इतना अधिक प्यार कभी हो सकता है?

विस्तार

यह दोहा उस अद्भुत अहसास को दर्शाता है जब कोई इतना गहरा प्यार करता है कि विश्वास करना मुश्किल हो जाता है। कवि पूछता है, 'क्या कोई इतनी गहराई से देखेगा कि उसे नज़र लग जाए?' यह 'नज़र' लगने की पुरानी धारणा को भी छूता है, जहाँ अत्यधिक प्रशंसा दुर्भाग्य ला सकती है। लेकिन इसका मूल अर्थ यह है कि, 'क्या कभी इतना सारा प्यार हो सकता है?' यह असीम स्नेह और आश्चर्य की भावना व्यक्त करता है, मानो यह इतना अधिक है कि व्यक्ति को यह सवाल करना पड़ता है कि क्या ऐसा गहरा प्यार वास्तव में मौजूद है। यह अत्यंत पोषित महसूस करने की एक सुंदर और हृदयस्पर्शी अभिव्यक्ति है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.