રાતનો અંધાર મને લાગે છે ઊજળો,
તારો તે સંગઃ ઊને પ્હોર જાણે પીપળો;
“The darkness of night appears bright to me,Your company: in the day's hot hour, like a Peepal tree.”
— सुरेश दलाल
अर्थ
रात का अंधेरा भी मुझे उज्ज्वल लगता है; तुम्हारा साथ दिन के तपते पहर में पीपल के पेड़ जैसा है।
विस्तार
यह दोहा खूबसूरती से बताता है कि किसी प्रियजन की उपस्थिति कठिन समय को कैसे बदल सकती है। वक्ता कहते हैं कि रात का अँधेरा भी उन्हें उज्ज्वल लगता है, जिसका अर्थ है कि उनके प्रिय का साथ मुश्किल पलों में भी रोशनी और खुशी लाता है। वे इस साथ को चिलचिलाती धूप में पीपल के पेड़ की आरामदायक छाँव जैसा बताते हैं। यह गहरे सुकून, राहत और अटूट समर्थन की भावना व्यक्त करता है, यह दर्शाता है कि प्रेम जीवन की कठिनाइयों को सहनीय और यहाँ तक कि सुंदर कैसे बना सकता है।
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