Sukhan AI
કાળી રાતના કંબલ ઓઢી મીરાં જાગે સૂતી રે!
ઘાયલકી ગત ઘાયલ જાણેઃ જગની માયા જૂઠી રે!

Wrapped in night's dark blanket, Mira sleeps awake;Only the wounded knows the pain, the world's illusion's fake.

सुरेश दलाल
अर्थ

काली रात के कम्बल में लिपटी मीरा सो रही है मगर जागृत है। घायल की पीड़ा केवल घायल ही समझता है, क्योंकि संसार की माया झूठी है।

विस्तार

यह दोहा मीराबाई की गहरी आध्यात्मिक अवस्था को बताता है। इसमें कहा गया है कि मीरा, रात के अंधेरे में कंबल ओढ़े सोई हुई दिखती हैं, लेकिन उनकी आत्मा पूरी तरह से जाग्रत है। यह उनके गहन भक्ति भाव को दर्शाता है, जहाँ वे शारीरिक रूप से मौजूद होते हुए भी, उनकी चेतना पूरी तरह से दिव्य प्रेम में लीन है। 'घायल की गति घायल जाने' वाली पंक्ति खूबसूरती से समझाती है कि ऐसी तीव्र आध्यात्मिक अनुभूतियाँ, या ईश्वर के प्रति गहन तड़प, केवल वही समझ सकते हैं जिन्होंने ऐसा ही मार्ग अपनाया हो या वैसी ही भक्ति महसूस की हो। यह बताता है कि भौतिक संसार के मोह-माया अंततः क्षणभंगुर और झूठे हैं, इस गहन आध्यात्मिक सत्य के मुकाबले।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.