“My friends weep uncontrollably over my corpse, yet none inquires who took his life.”
दोस्त मेरी लाश पर बेबस होकर रो तो रहे हैं, मगर कोई यह पूछने की ज़हमत नहीं करता कि आख़िर इसकी जान किसने ली।
इस शे'र में एक बड़ा ही गहरा और दिल को छू लेने वाला तंज़ छुपा है। शायर देखता है कि उसके चले जाने पर दोस्त फूट-फूट कर रो रहे हैं, मगर किसी को यह पूछने की सुध नहीं कि आख़िर वह कौन सा सितमगर था जिसने उसकी जान ले ली। यह दुनिया के खोखले मातम पर एक चोट है, जहाँ लोग आपके मरने पर आँसू बहाना तो जानते हैं, मगर जीते जी आपकी बर्बादी का सबब जानने की ज़हमत कभी नहीं उठाते।
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