लाक्षणिक अर्थ जिसका है जीवन का खमीर,कुछ भी चमक नहीं सकता उस ज़ेवर के बग़ैर।
“The figurative meaning, which is life's true essence,Cannot shine brightly without that jewel's presence.”
— अमृत घायल
अर्थ
जिसका प्रतीकात्मक अर्थ जीवन का खमीर है, वह उस गहने के बिना चमक नहीं सकता।
विस्तार
यह शेर बताता है कि जीवन का सार, उसकी असली पहचान, किसी खमीर या ज़ेवर की तरह होती है। शायर कहते हैं कि कोई भी चीज़, कोई भी चमक, तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक उसमें वह मौलिक तत्व न हो। यह हमें याद दिलाता है कि असली रौनक बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदरूनी 'ज़ेवर' में होती है।
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