अश्रुओं का मैं बहिष्कार कर दूँ, किंतु,दिल चलता नहीं दर्द की सौगात बिना।
“I could indeed banish every tear, but then,My heart cannot go on without the gift of pain.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं आँसुओं का त्याग कर सकता हूँ, किंतु मेरा हृदय दर्द की सौगात के बिना जीवित नहीं रह सकता।
विस्तार
यह शेर दिल की एक बहुत गहरी उलझन को बयां करता है। शायर कहते हैं कि मैं अपने आँसुओं को रोक सकता हूँ, उन्हें बहिष्कार कर सकता हूँ.... लेकिन मेरा दिल दर्द की सौगात के बिना नहीं चल सकता। यह कैसा दर्द है, जो जीना सिखाता है, लेकिन साथ ही ज़िंदा भी रखता है!
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