बहुत भय में सभी भोले यात्री हैं, खबर है,इस नाव के लापता खलासी हैं, खबर है।
“All innocent travelers are in great fear, it's known,This boat's boatmen are missing, it's known.”
— अमृत घायल
अर्थ
सभी भोले-भाले यात्री बहुत भय में हैं, और यह ज्ञात है कि इस नाव के मल्लाह लापता हैं।
विस्तार
यह शेर, अम्रुत घायल साहब ने, इंसानी ज़िंदगी की एक बहुत गहरी बात कही है। शायर कह रहे हैं कि जब इंसान बहुत ज़्यादा डर में होता है, तो हम सब बस भोले यात्री होते हैं। लेकिन असली ख़तरा क्या है? असली डर तो ये है कि जिस खलासी (गाइड) पर हम भरोसा करते हैं, वो भी कहीं गुमशुदा है। यह दिशाहीनता के डर को बयां करता है।
