'घायल', निभानी थी हमें तो दोस्ती,इसीलिए तो दुश्मनों के घर तक गए।
“'Ghayal', we wished to uphold our friendship,That's why we even went to the enemies' homes.”
— अमृत घायल
अर्थ
'घायल' कहते हैं कि हमें तो अपनी दोस्ती निभानी थी, इसीलिए हम दुश्मनों के घर तक भी चले गए।
विस्तार
यह शेर दोस्ती की उस अटूट निस्वार्थ भावना को बयान करता है। शायर कहते हैं कि हमारी दोस्ती इतनी मज़बूत थी, कि हमने सीमाएं लांघ दीं... और दुश्मनों के घर तक गए। यह वफ़ादारी का एक ऐसा सबूत है, जो तर्क और डर से परे है। यह दिखाता है कि सच्ची दोस्ती हर विरोध को पार कर जाती है।
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