यूँ ही कदापि किसी को लोग भजते नहीं,चाहिए था स्वर्ग, इसलिए ईश्वर तक गए।
“People never worship anyone just like that,They needed heaven, so they went to God.”
— अमृत घायल
अर्थ
लोग ऐसे ही किसी की पूजा नहीं करते, उन्हें स्वर्ग चाहिए था, इसलिए वे ईश्वर तक गए।
विस्तार
यह शेर इंसान के वजूद की गहराई को छूता है। शायर कहते हैं कि कोई भी चीज़ यूँ ही नहीं होती; हर कदम, यहाँ तक कि ईश्वर की ओर जाना भी, किसी चाहत या किसी ज़रूरत से प्रेरित होता है। यह एक गहरा एहसास है कि हमारी ज़िंदगी में हर क्रिया के पीछे कोई न कोई मकसद ज़रूर होता है।
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