पूछो नहीं कि आज मैं कहाँ निकल गया, काजल को छूने चला, कामन में जा फँस गया!
“Don't ask where I wandered off today, To touch the kohl, into its charm I fell away!”
— अमृत घायल
अर्थ
यह मत पूछो कि मैं आज कहाँ भटक गया; काजल को छूने गया था और उसके जादू में फँस गया।
विस्तार
यह शेर उस पल की बात करता है जब सुंदरता सिर्फ एक आकर्षण नहीं, बल्कि एक जाल बन जाती है। शायर कहते हैं कि मैं काजल को छूने नहीं गया था, बल्कि मैं उस जादू में फँस गया था। काजल यहाँ केवल आँखों का श्रृंगार नहीं है, यह उस मादक नशा है जो इंसान को अपनी हकीकत से दूर, महबूब के जुनून में ले जाता है।
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