भले बनकर सुधार की फिर बात मत करना, जो वैर सड़न ने न किया, वो सुधार ने किया है।
“Please, speak no more of reform, For what decay could not, reform has wrought in storm.”
— अमृत घायल
अर्थ
भला होकर सुधार की फिर से बात न करें। जो बदला सड़न नहीं ले पाई, वह सुधार ने ले लिया है।
विस्तार
यह शेर 'सुधार' की दर्दनाक विडंबना पर बात करता है। शायर अमृत घायल कहते हैं कि किसी चीज़ को ठीक करने या सुधारने की कोशिश में जो नुकसान होता है, वह सिर्फ़ मनगढ़ंत वैर से होने वाले नुकसान से भी ज़्यादा होता है। यह बताता है कि कभी-कभी अच्छे इरादों के परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं।
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