हमारी आँख में हैं आज उसकी याद के छींटे, बिना बरसात आते हैं यहाँ बरसात के छींटे!
“Today, in our eyes are the drops of her memory, Without rain, here come the drops of rain!”
— अमृत घायल
अर्थ
आज हमारी आँखों में प्रिय की यादों के आँसू हैं, जो बिना बारिश के ही बरसात के बूँदों की तरह बरस रहे हैं। यह एक गहरी उदासी या विरह वेदना को व्यक्त करता है।
विस्तार
यह शेर यादों के बोझ और भावनाओं के सैलाब को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि आँखों से जो आँसू बह रहे हैं, वे महज़ उदासी नहीं हैं, बल्कि एक प्राकृतिक बारिश की तरह महसूस होते हैं। यह उस गहरे दर्द का एहसास है, जहाँ यादों का वज़न इतना होता है कि ज़िंदगी का हर लम्हा बरसात जैसा लगने लगता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
