लाज के भाव से झुकी वह ग़ज़ल। जो प्रथम दृष्टि में भायी वह ग़ज़ल।
“With a sentiment of modesty, it bowed, that Ghazal. The one that pleased at first sight, that Ghazal.”
— अमृत घायल
अर्थ
यह ग़ज़ल वही है जो लज्जा के भाव से झुकी और वही ग़ज़ल है जो पहली दृष्टि में ही मन को भा गई।
विस्तार
यह शेर बताता है कि कला और भावना का रिश्ता कितना गहरा होता है। शायर कहते हैं कि कुछ ग़ज़लें सिर्फ़ कानों से नहीं सुनी जातीं, बल्कि दिल से महसूस की जाती हैं। यह ग़ज़ल लाज के भाव से झुकी हुई है, मतलब इसमें एक शालीनता है, और साथ ही, यह पहली नज़र में इतनी प्यारी लगती है कि आप इसे अनदेखा नहीं कर सकते। यह कला की उस अद्भुत शक्ति को दर्शाती है।
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