चारों तरफ़ मौन-मौन के बीच, एक शाश्वत तड़प, वही ग़ज़ल।
“Everywhere, amidst the profound silence, A constant yearning—that is ghazal.”
— अमृत घायल
अर्थ
हर तरफ मौन के बीच, एक स्थायी तड़प—वही गज़ल है।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर कह रहे हैं कि जब चारों तरफ़ सन्नाटा हो, एक ऐसी खामोशी जो कानों को भी चकरा दे.... तब भी एक शाश्वत तड़प बाकी रहती है। यह तड़प, यह बेचैनी, एक ग़ज़ल का रूप ले लेती है। यह बताता है कि दिल की आवाज़ कभी नहीं रुकती, चाहे माहौल कितना भी शांत क्यों न हो।
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