हम यूँ भटक रहे हैं यहाँ-वहाँ,जैसे वतन से हिजरत कर ली हो।
“We are wandering here and there, As if we have migrated from our homeland.”
— अमृत घायल
अर्थ
हम यूँ यहाँ-वहाँ भटक रहे हैं, जैसे हमने अपने वतन से हिजरत कर ली हो।
विस्तार
यह शेर उस गहरी भावना को बयां करता है जब हम पूरी तरह से खोया हुआ और बेजुड़ा हुआ महसूस करते हैं, मानो एक ऐसे मुसाफ़िर हों जिसका कोई घर न हो। ऐसा लगता है जैसे हमें अपनी ही धरती से उखाड़ दिया गया हो, भले ही हमने शारीरिक रूप से कहीं पलायन न किया हो। आप भले ही वहीं मौजूद हों, लेकिन भावनात्मक रूप से आप अपने ही जीवन या अपने आसपास के माहौल में एक परदेसी जैसा महसूस करते हैं। यह अपनेपन की तलाश और उस अलगाव की भावना को दर्शाता है जब हम कहीं भटक रहे होते हैं और एक ऐसी जगह की तलाश में होते हैं जो फिर से 'घर' जैसा लगे।
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