Chupp giyah ve suraj bahar reh gayi laali
Ve main sadqey hova, Devein murrjey wikhali
Peera main bhul gaiyaan tere naal na gaiyaan
Tere Ishq nachaiyaan kar key thaiyaa thaiyaa
“The sun has concealed its spring-like blush,”
— बुल्ले शाह
अर्थ
सूरज ने अपनी बसंत जैसी लाली छुपा ली है। मैं सच में हो गई, मैंने तो अपनी देहें मोड़ ली हैं। पीड़ा मैं भूल गई, तुम्हारे साथ नहीं गई। तुम्हारे इश्क़ ने नचाया और इस तरह मैं हो गई।
विस्तार
इस खूबसूरत शेर में, बुल्ले शाह ने एक तरह के रूहानी फ़ितूर का वर्णन किया है। शायर बताते हैं कि सूरज डूब चुका है, मगर शाम की लालिमा अभी भी बाकी है। वह एक ऐसी अवस्था की बात करते हैं जहाँ सब कुछ भूल जाना जैसे एक प्राकृतिक हिस्सा बन गया हो। यह इश्क़ की पराकाष्ठा है—वो प्रेम जो इतना गहरा हो कि इंसान अपनी पहचान और वास्तविकता दोनों को खो देता है। यह समर्पण की एक बहुत ही मीठी और मदहोश दास्तान है।
