વધ્યો એથી પણ વધતો ઉમંગ, મારે...
આજ ઘેર ઘેર આનંદ છે ઘણો;
“With this, my joy grows even more, today...There is much delight in every home;”
— दलपतराम
अर्थ
इससे मेरा उमंग और भी बढ़ता है, और आज हर घर में बहुत आनंद है।
विस्तार
यह दोहा बढ़ते हुए आनंद और उत्साह की बात करता है। यह खूबसूरती से बताता है कि कैसे खुशी और उमंग न केवल मौजूद हैं, बल्कि लगातार बढ़ रहे हैं और छलक रहे हैं। कवि कहते हैं कि आज हर घर में बहुत अधिक आनंद और उल्लास है। यह व्यापक खुशी का चित्रण करता है, जो उत्सव और सामूहिक हर्षोल्लास के समय का सुझाव देता है, जहाँ हर घर प्रचुर मात्रा में उत्साह और खुशी से भरा हुआ है।
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