Sukhan AI
રંગરસની આજે ઉછળે છોળરે, રંગરસ છાંટે ને કરે છે કલ્લોલરે;
રંગરસ પ્રેમતણો પરિણામરે, દેખી દીલ રીઝે દલપતરામરે.

Waves of joyful essence surge today, sprinkling delight, they playfully sway. This joyful essence, love's sweet outcome bright, seeing it, Dalpatram's heart takes pure delight.

दलपतराम
अर्थ

आज रंग-रस की लहरें उछल रही हैं, रंग-रस छिड़ककर वे आनंद मना रही हैं। यह रंग-रस प्रेम का परिणाम है, जिसे देखकर दलपतराम का हृदय प्रसन्न होता है।

विस्तार

आज रंग और उमंग की लहरें चारों ओर उछल रही हैं। ये रंग और आनंद चारों ओर बिखरकर खुशियाँ मना रहे हैं। यह 'रंगरस' – यानी रंगों और उल्लास का यह संगम – वास्तव में प्रेम का ही परिणाम है। इसे देखकर कवि दलपतराम का हृदय अत्यंत प्रसन्न होता है। यह दोहा बताता है कि प्रेम ही जीवन में असली उत्सव और आनंद लाता है, जिससे मन प्रफुल्लित हो उठता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.