કશી કેમ રાખે કચાશી, ઘેર આવો વસંત વિલાસી.
“How can any imperfection stay? Come home, O delightful Spring.”
— दलपतराम
अर्थ
कोई कमी कैसे रह सकती है? हे आनंदमय वसंत, घर आओ।
विस्तार
यह प्यारा दोहा वसंत ऋतु के लिए एक हार्दिक निमंत्रण है। कवि कोमलता से वसंत से पूछ रहे हैं, 'तुम क्यों संकोच कर रहे हो? यह हिचकिचाहट क्यों?' यह वसंत से बिना किसी देरी या रोक-टोक के आने का आग्रह है। दूसरी पंक्ति एक गर्मजोशी भरा स्वागत है, जिसमें कहा गया है, 'हे मनभावन वसंत, घर आओ!' यह वसंत के आगमन के लिए गहरी लालसा व्यक्त करता है, उत्सुक है कि यह अपने साथ खुशी, ताजगी और सुंदरता को जीवन और घर में लाए। यह खुशी के मौसम के लिए एक मोहक आह्वान है कि वह अपने जीवंत उपस्थिति से आसपास को पूरी तरह से गले लगाए और भर दे।
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