જ્યારે દીઠો જથો દાડમ ને દ્રાખનો રે;
ત્યારે હરખ્યો હરખ્યો હૈડામાં વિશેષરે, બીજે ક્યાંઈ...
“When he beheld the store of pomegranates and grapes,His heart was filled with joy, beyond all other places.”
— दलपतराम
अर्थ
जब उसने अनार और अंगूर का ढेर देखा, तब उसका हृदय विशेष रूप से आनंदित हो उठा।
विस्तार
यह सुंदर दोहा शुद्ध आनंद और प्रसन्नता को व्यक्त करता है। यह उस क्षण की बात करता है जब कोई अनार और अंगूर का प्रचुर ढेर देखता है। ऐसी प्रचुरता और सुंदरता का दृश्य अत्यधिक खुशी की भावना लाता है, जिससे हृदय अपार प्रसन्नता से भर जाता है। यह दर्शाता है कि यह विशेष आनंद गहरा और खास है, जो भीतर तक गूँजता है, किसी भी अन्य भावना या अनुभव से बढ़कर। यह इस बात का एक प्यारा चित्रण है कि कैसे साधारण, प्राकृतिक दृश्य हमें असाधारण संतोष और शांति व खुशी की गहरी भावना प्रदान कर सकते हैं।
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