ग़म-ए-हस्ती का 'असद' किस से हो जुज़ मर्ग इलाज
शम्अ हर रंग में जलती है सहर होते तक
“O Asad, what cure for life's grief, except for death?The candle burns in every hue, until the morning's breath.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, जीवन के दुख का मौत के सिवा और क्या इलाज हो सकता है? मोमबत्ती हर रंग में, यानी हर हाल में, सुबह होने तक जलती रहती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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