Sukhan AI
ता-क़यामत शब-ए-फ़ुर्क़त में गुज़र जाएगी उम्र
सात दिन हम पे भी भारी हैं सहर होते तक

My life will pass, until Doomsday, in this night of separation;Even seven days weigh heavy on us, waiting till the dawn.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

जुदाई की रात में उम्र क़यामत तक कटेगी, सुबह होने तक सात दिन भी भारी हैं।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

कठिन शब्द
قیامت
شبِ فرقت
سحر

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.