बर्क़-ए-ख़िर्मन-ज़ार गौहर है निगाह-ए-तेज़ याँ
अश्क हो जाते हैं ख़ुश्क अज़-गरमी-ए-रफ़्तार-ए-दोस्त
“Here, a sharp gaze is a pearl, a lightning to the harvest-field; Tears turn dry from the ardent swiftness of the Beloved's stride.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यहाँ, तीखी निगाह एक मोती है और फसल के ढेर पर बिजली के समान है। प्रिय की चाल की गर्मी के कारण आँसू सूख जाते हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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