चुपके चुपके मुझ को रोते देख पाता है अगर
हँस के करता है बयान-ए-शोख़ी-ए-गुफ़्तार-ए-दोस्त
“If he sees me weeping, silently and slow,He then, with a smile, the beloved's playful talk will show.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर वह मुझे चुपचाप रोते हुए देखता है, तो वह हँसकर महबूब की चुलबुली बातों का वर्णन करता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
