न कह किसी से कि 'ग़ालिब' नहीं ज़माने में
हरीफ़-ए-राज़-ए-मोहब्बत मगर दर-ओ-दीवार
“Tell no one, Ghalib, that in this mortal sphere,Love's secret finds no confidant but door and wall.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
किसी से मत कहो कि 'ग़ालिब', इस दुनिया में मोहब्बत के राज़ का कोई हमराज़ नहीं है, सिवाय दरवाज़े और दीवारों के।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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