नहीं है साया कि सुन कर नवेद-ए-मक़दम-ए-यार
गए हैं चंद क़दम पेश-तर दर-ओ-दीवार
“Not a shadow remains, for upon hearing the news,Of the beloved's arrival, vibrant and new,My doors and walls have advanced a few steps ahead,To welcome them, by longing led.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
कोई साया नहीं है, क्योंकि महबूब के आने की खबर सुनकर, दरवाजे और दीवारें कुछ कदम आगे बढ़ गए हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
